viditascorner
Wednesday, 15 October 2014
मेरी तन्हाई
मेरी तन्हाई है साथ मेरे
नहीं वो पराई है
अलग वो रहती है नहीं
वो तो मेरी परछाई है
.
Tuesday, 4 March 2014
चेतावनी संभलने की
पहाड़ी
ढलान
से
,
पत्थर
घाटी
में
निहित
है।
यह
कैसे
आन
पड़ा
?
कोई
भी
नही
जानता
मौत
है
या
मौत
का
पैगाम
या
एक
चेतावनी
पहाड़
पर
धीरे
चलने
की
वह
बड़ा
सा
पत्थर
किसी
ने
उसे
धकेला
या
वह
खुद
से
ही
फिसल
गया
यह
चेतावनी
है
संभलने
की
Monday, 3 March 2014
संभावना बहुत है
मौत
की
संभावना
बहुत
है
,
एक
घन
का
रूप लेता,
नफरत का अंधेरा
एक
तीव्र
कोण
पर
खड़े हम
और
आंखों
के
चारों
ओर
धुंध ही धुंध
,
इस धुंध मेँ अविश्वास है, नफरत है
मौत
की
संभावना
बहुत
है
….
Wednesday, 19 February 2014
कलाबाज़ त्यार है
रस्सी से रस्सी जोड़कर
सहारे का ताना बाना बुनकर
हो जाता है त्यार एक
कलाबाज़
रंग बिरंगी रोशनी के बीच
हवा मे , धरा से दूर
उमीद के धागे से लटका
तालियों के इंतेज़ार में
एक कलाबाज़ त्यार है
Wednesday, 20 March 2013
वादा किया था
वादा
किया
था
,
कोई
धोखा
नहीं
,
मिलने
का
इरादा
था
मैं
आने
को
आमादा
थी
पर
वक़्त
ने
साथ
छोड़
दिया
जो
वक्त
तुमसे
मिलने
आने
का
था
वो
व्क़्त
मुझसे
रूठ
गया
मैं तुमसे मिलने को बड़ी
पर
सांसो
का
ताना
बाना
छूट
गया
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